मिड डे मील के दूध में घोटाला,246 बच्चों के लिए दिया 5 किलो दूध,100 बच्चों के लिए 20 किलो दूध का प्रावधान, प्रधानाचार्य ने झाड़ा पल्ला

खैर तहसील क्षेत्र के शिवाला कला गांव के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में इस समय करीब 246 बच्चे स्कूल में मौजूद है जहां सरकार द्वारा स्कूली बच्चों को मिड डे मील दिए जाने का प्रावधान किया गया है। जिसकी जिम्मेदारी सरकार द्वारा ग्राम प्रधान को सौंपी गई है। सरकार की तरफ से 100 बच्चों पर 20 किलो दूध बुधवार के दिन ग्राम प्रधानों को स्कूल में देने के दिशा निर्देश दिए गए हैं। जबकि शिवाला कला गांव में इस वक्त 246 बच्चे उच्च्तर माध्यमिक विद्यालय में पहुंच रहे हैं। जिनका मिड डे मील वहां मौजूद रसोइयों द्वारा तैयार किया जाता है। बुधवार को भी बच्चों का मिड डे मील तैयार कराने के लिए रसोईया अपनी रसोई में काम कर रहे थे उसी दौरान मौजूदा ग्राम प्रधान द्वारा 246 बच्चों को करीब 45 लीटर दूध पहुंचाना था लेकिन ग्राम प्रधान ने बच्चों के निवाले पर डाका डालते हुए 5 किलो दूध है भोजन तैयार कर रही रसोइयों को थमा दिया गया। आपको बता दें कि स्कूल के सदस्य सुभाष सिंह ने मिड डे मील में दिए जाने वाले दूध को लेकर ग्राम प्रधान पर दूध देने के नाम पर घोटाला करने का आरोप लगाया है उसका कहना है कि इस स्कूल में उसके स्वयं के बच्चे भी पढ़ रहे हैं। उसने बताया कि बुधवार के दिन स्कूल में पढ़ने वाले 100 बच्चों पर 20 किलो दूध प्रधान द्वारा मुहैया कराया जाता है। दिन के अनुसार 100 बच्चों पर 20 किलो दूध की जगह ग्राम प्रधान 5 किलो दूध लेकर बच्चों का खाना बना रही रसोइयों के पास देने के लिए पहुंच गया। जबकि स्कूल में 246 बच्चे मौजूद हैं। सुभाष सिंह का आरोप है कि जब प्रधान स्कूल में दूध लेकर पहुंचा उस दौरान वह भी स्कूल में मौजूद था। जैसे ही प्रधान ने दूध रखा तो उसने उस दूध को चेक किया तो उसके अंदर 5 किलो दूध मौजूद था। जिस पर उसने ग्राम प्रधान से पूछा कि इसमें 5 किलो दूध मौजूद है तो ग्राम प्रधान ने कहा कि दूधिया उसको इतना ही दूध देता है। जिसके बाद ग्राम प्रधान दूध को रसोई में रखकर जवाब देने के बजाय मौके से चला गया।

आरोप है कि जब उसके द्वारा 100 बच्चों के लिए 5 किलो दूध की शिकायत स्कूल प्रधानाचार्य से की गई तो प्रधानाचार्य ने मिड डे मील को लेकर अपना पल्ला झाड़ लिया और कहा कि मिड डे मील की जिम्मेदारी ग्राम प्रधान की है। मिड डे मील को लेकर स्कूल की कोई जिम्मेदारी नहीं है। हालांकि प्रधान जो सामान बनाने के लिए देकर जाता है उस सामान को रसोइयों द्वारा तैयार करा कर बच्चों को परोस दिया जाता है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button